समाज और परिवार में संस्कार पैदा करने के लिए आप को खुद संस्कारी बनना होगा। यह धरती भगवान बुद्ध की जन्मभूमि है। यहां की हर वस्तु पूजनीय है। सभी धर्म एक समान है। इसलिए सभी धर्मो का सम्मान करना चाहिए।

बौद्ध शिक्षा का अन्तिम लक्ष्य है . सम्पूर्ण मानव समाज से दुःख का अंत

A scholar is one who illuminates all with the light of his knowledge.

विद्वान वह है जो अपने ज्ञान के प्रकाश से सभी को आलोकित करता है।


साधारण सभा सीतामढ़ी बिहार

परिचात्मक कार्यक्रम सिमडेगा झारखण्ड


परिचात्मक कार्यक्रम 26.01.2013 ग्राम - जोकबहार सिमडेगा झारखण्ड

To remove social discrimination, Lord Buddha said that people should be evaluated on the basis of karma not on the basis of birth.

सामाजिक भेदभाव को दूर करने के लिए भगवान बुद्ध ने कहा कि लोगों का मूल्यांकन जन्म के आधार पर नहीं कर्म के आधार पर किया जाना चाहिए।


Dharma is that which opens the doors of knowledge to all.

धर्म वही है जो सबके लिए ज्ञान के द्वार खोल दे |


महात्मा बुद्ध ने चार आर्य सत्यों का उपदेश दिया है। बुद्ध अनुसार चार मुख्य आर्य सत्य को हमेशा याद रखना चाहिए. ये सच्चाइयां ही बौद्ध धर्म के आधार हैं जो निम्नलिखित हैं:-

1. संसार में दुःख है.

2. दुःख का प्रमुख कारण तृष्णा (तीव्र इच्छा) है.

3. दुखों का समुदाय है.

4. दुखों से बचने का उपाय है

बौद्ध धर्म का अन्तिम लक्ष्य है. सम्पूर्ण मानव समाज से दुःख का अंत

The ultimate goal of Buddhism is End of sorrow from the entire human society

नजफ़गढ़ नई दिल्ली

मेरी पूजा मत करो, मुझसे कोई उम्मीद मत रखो की मै कुछ चमत्कार करूंगा, दुख तुमने पैदा किया है, इसे दूर तुम्हें करना है, मैं केवल रास्ता बता सकता हूं, लेकिन आपको उस रास्ते पर तुम्हे चलना होगा, II मार्गदर्शक हूँ, मुक्तिदाता नहीं, स्वयं का प्रकाश बनो, शाक्यमुनि बुद्ध

सरिता विहार नई दिल्ली

मेवला महराजपुर ,फरीदाबाद हरियाणा

जुजु बिड्स

वी आर वन रेयूकाई सुकार्य की शिक्षा बुरे कर्म को अच्छे कर्म में परिवर्तन करना है |